मैं बैंक वाला मेल समझकर लिंक दबा चुका हूं — पता बार में नाम किसी और कंपनी का था, लोगो नकली। एंटीवायरस बाद की चीज है। पहले आंख।
जड़ कौन सी है
sbi.example.com बैंक नहीं, example.com का पेज है। 0 और O बदल जाते हैं। SMS की लिंक मत दबाना, ऐप या पुराना बुकमार्क। विज्ञापन में भी नकली साइटें आ चुकी हैं। From पर लिखा नाम झूठ हो सकता है। कॉलेज पोर्टल फेसबुक कमेंट से नहीं, विभाग की सूचना से मिलाओ। साइट नाम के साथ “स्कैम” खोज छोटी आदत है, पूर्ण सबूत नहीं।
ताला यात्रा की बात है
ईमानदारी की गारंटी नहीं। नकली पेज के भी सर्टिफिकेट होते हैं। बिना ताले लॉगिन मत करो। ब्राउज़र लाल चेतावनी दिखाए तो जल्दी के लिए आगे मत बढ़ो। साझेदार साइटों पर डेटा की बात Google यहां लिखता है।
मैनेजर खाली रहे तो
गलत डोमेन पर पासवर्ड नहीं भरता — ये संकेत है। PIN यहां टाइप करें, सिर्फ व्हाट्सऐप OTP, टेढ़ी वर्तनी। दो कदम और OTP वाले पेज साथ रखो।
नाम के पीछे .exe
APK स्टोर के बाहर, मैक्रो वाला Word अजनबी से। कैफे नेट पर बैंकिंग टालो। पॉपअप “फोन वायरस, कॉल करो” पर नंबर मत लगाना। एक्सटेंशन कम। रिडायरेक्ट के बाद पता वही रहे जो तुमने सोचा था। VPN रास्ता छिपा सकता है, नकली फॉर्म पर पासवर्ड डालने से नहीं बचाता। शॉर्टनर अजनबी हो तो पूरा पता मांगो।