फोन उठाया, सामने आवाज में शोर, “मैडम आपका KYC पेंडिंग है, दो मिनट में खाता बंद।” घर में ऐसे कॉल अब आम हैं। नई ऐप से नहीं आते ये लोग। बैंक, UPI, कूरियर, आयकर, यहां तक कि व्हाट्सऐप सपोर्ट के नाम से आते हैं। मैं पुलिस नहीं हूं। पैसा कट चुका हो तो बैंक ऐप और आधिकारिक हेल्पलाइन से बात करो। यहां सिर्फ ठहरना सिखा रहा हूं।

जो तीन बातें मैं घर में दोहराता हूं

OTP, PIN, CVV फोन पर कोई नहीं मांगता — न स्क्रीन शेयर पर, न फॉर्म में। पैसे “जमा” कराने के लिए तुम्हारे UPI से काटकर नहीं जाते। अजनबी का QR स्कैन करना भुगतान है। और जल्दबाजी नकली है। “दो मिनट में बंद” कहने वाला असली दफ्तर कम ही होता है।

मुंह से यह वाक्य निकालो: मैं काटता हूं, ऐप के अंदर लिखे नंबर से वापस लगाऊंगा। कॉलर का दिया नंबर मत लगाना।

जो पटकथाएं इस साल घूम रही हैं

वीडियो कॉल पर आधार दिखाओ। लॉटरी, पहले छोटा शुल्क। रिश्तेदार का नंबर, “फोन गिर गया, दो हजार कर दो।” नौकरी, APK साइडलोड करो। SMS की छोटी लिंक, अजीब डोमेन। बैंक ऐप स्टोर से खोलो, संदेश से नहीं। स्क्रीन पर SBI लिखा होना प्रमाण नहीं, कॉलर आईडी बदली जाती है। लिंक कैसे पढ़ें, वो दूसरे पेज पर है।

घर के बुजुर्गों को एक वाक्य सिखा दो: रिमोट ऐप मत लगाना। OTP स्क्रीन तक दिख जाती है।

दुकान और उल्टी चाल

नाम और राशि पढ़कर पे करो। कोई कहे अपना QR दिखाओ पैसे आ जाएंगे, फिर उनके कोड पर स्कैन करवाए — रुक जाओ। कलेक्ट और पे का फर्क ऐप में लिखा होता है, हरे बटन पर जल्दी मत करो। रिजल्ट चेक के नाम पर UPI आईडी मत देना।

कट गया तो शर्म से मत दबना

ऐप से रिपोर्ट, हेल्पलाइन, पासवर्ड बदलो — तिजोरी हो तो वहीं से। साइबर शिकायत के पोर्टल बदलते रहते हैं, इसलिए मैं यहां फॉर्म की झूठी सूची नहीं लिख रहा। परिवार ग्रुप में यह पेज भेजना ठीक है। “यह फॉरवर्ड करो वरना वायरस” वाले संदेश खुद अफवाह होते हैं।

बड़ी कंपनी कभी सपोर्ट कर सकती है, OTP नहीं मांगती। अजनबी अंतरराष्ट्रीय मिस्ड कॉल पर वापस लगाना महंगा भी पड़ सकता है। बच्चे के फोन पर अनजान APK और UPI पिन — परिवार का फैसला, जल्दबाजी नहीं।