घर से परीक्षा का डर किताब से कम, पड़ोसी के टीवी और लाल बत्ती वाले फाइबर से ज्यादा होता है। हर बोर्ड का नियम अलग है। जो पीडीएफ उन्होंने भेजी है, वो इस पेज से ऊपर है। मैं सिर्फ वो लिख रहा हूं जो रात को भूल जाता है।
सोने से पहले
लॉगिन, एडमिट कार्ड, आईडी एक फोल्डर में। कागज हो तो और अच्छा। ब्राउज़र अपडेट, अजीब एक्सटेंशन बंद। चार्जर लगा, बैटरी देखो। मॉक टेस्ट उसी कुर्सी से दो जिस पर कल बैठोगे। हॉटस्पॉट तभी तैयार रखना जब दूसरा फोन मना न हो — कई प्रॉक्टर दूसरा डिवाइस देखकर चिढ़ते हैं। राउटर रात को रीस्टार्ट, सुबह पांच मिनट पहले नहीं। जगह और कटने पर वाई-फाई वाला पेज।
पीछे की दीवार
जितना सादा, उतना कम सवाल। पोस्टर, दूसरा मॉनिटर, भाई का सिर कैमरे में — ये विवाद बनते हैं। टोपी और ईयरफोन अक्सर मना। दरवाजे पर छोटा नोट शर्म की बात नहीं। पंखा माइक खाता है तो थोड़ा दूर। कैलकुलेटर की अनुमति लिखित में देखो, अनुमान से नहीं। बंद किताब वाली परीक्षा हो तो किताबें दृष्टि से हटाओ।
घड़ी स्क्रीन पर
निर्देश दो बार। फोन मना हो तो फोन की घड़ी मत देखना। अटके तो अगला प्रश्न। पानी पास रखो। प्रॉक्टर चैट आए तो छोटा विनम्र वाक्य। फ्रीज हो तो दस बार क्लिक मत करना; हेल्प और समय नोट करो। नकल के नए तरीके पकड़े जाते हैं, प्रमाणपत्र भी रद्द होते हैं। ये पेज तकनीक के लिए है, चाल के लिए नहीं।
बत्ती गई
कुछ टेस्ट सेव होकर लौटते हैं, कुछ नहीं — नीति पढ़ो। शिकायत नंबर, स्क्रीनशॉट अगर अनुमति हो। कैफे भागना तभी जब नियम घर से बांध न करते हों। फोन से पेपर बहुत जगह चलता ही नहीं, कैमरा कोण टूटता है। चश्मा और धार्मिक वस्त्र आमतौर पर चलते हैं, चेहरा दिखना चाहिए। मौखिक Meet हो तो नाम और माइक वाले पेज की आदत काम आती है।