रविवार को पूरा फोन साफ करने बैठे तो हार जाते हो, जरूरी PDF भी उड़ जाती है। इसलिए सात छोटे दिन। मकसद खाली स्टोरेज का घमंड नहीं। पांच सेकंड में फाइल मिलना है।

ढेर अलग हैं

स्क्रीनशॉट, चैट, डाउनलोड, पुराने खाते — एक फैसला सब पर नहीं चलता। रोज आधा घंटा, फ्लाइट मोड।

जो क्रम मैंने घर में चलाया

सोमवार फोटो: मेमे और ब्लर कचरा, रसीद पहले Drive, फिर डिलीट। मंगल व्हाट्सऐप: निकले ग्रुप, ऑटो डाउनलोड बंद, स्टार वाले संदेश में हॉल टिकट छिपी होती है। बुध Downloads — फोल्डर। गुरु मेल: अनसब्सक्राइब, कॉलेज पत्र लेबल। शुक्र होम स्क्रीन: बैंक दिखे, गेम दस स्वाइप दूर। शनि पुराने ऐप, पासवर्ड तिजोरी में है तो मिटाना आसान। रवि एक फाइल बादल से निकालो, फिर सोचना Recycle खाली करें या नहीं।

“शायद काम आए” के लिए Archive। नब्बे दिन न खोला तो अगली सफाई में जा सकता है।

परिवार की गैलरी मत

साझा फोन पर दूसरों के अल्बम बिना पूछे न छांटना। रसीद, फाइनल प्रोजेक्ट, दुर्लभ तस्वीर, लाइसेंस। संदेह हो तो Archive। Drive और Photos दोनों की टोकरी अलग होती है। नामकरण बिना सिर्फ मिटाना अधूरा है। एक दिन छूटे तो सातों को एक में मत भरना। ऑटो डाउनलोड वापस आ जाए तो महीने में दस मिनट Downloads। दफ्तर का कंप्यूटर नीति से, निजी सफाई निजी यंत्र पर।